क्या प्राकृतिक रूप से मौजूद पौधों में भी  है डायबिटीज को मिटाने का दमखम?

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डायबिटीज आज के मौजूदा समाज में बहुत ही गंभीर और सामान्य बीमारी का रूप लेते जा रहा है आज लगभग हर 10 में से 06 व्यक्ति डायबिटीज का शिकार है। भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जो हमारे लिए एक चिंता का विषय है। एलोपैथी की माने तो डायबिटीज को कम करने के लिए या तो हमें इंसुलिन का इंजेक्शन लेना होगा या उम्र भर दवाइयां पर निर्भर रहना पड़ेगा। कुछ डॉक्टरों का मानना है कि मधुमेह को हम अपने दिनचर्या में थोड़ी सी सावधानी व परहेज रखकर उसे कंट्रोल या जड़ से खत्म कर सकते हैं। हमें हमारी प्रकृति भी मधुमेह से लड़ने के लिए प्रचुर मात्रा में ताकत प्रदान करती है उन्हें में से कुछ पौधों का जिक्र हम करने वाले हैं।

कौन-कौन से है वो प्राकृतिक उपचार जो डायबिटीज से लड़ने की ताकत रखते है हज़ार:

करी पत्ता (Curry leaves) : यूं तो हम अक्सर करी पत्ते का इस्तेमाल दाल के छैक लगाने में, सांभर बनाने में,इटली को फ्राई करने आदि बहुत सारे व्यंजनों में करते है। परंतु आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आप इसका इस्तेमाल अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए भी कर सकते हैं। करी पत्ते को ग्रहण करने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन बनता है, जो शरीर में शर्करा के मात्रक में नियंत्रित करता है। इसका सेवन आप रोजाना रात को सोने से पहले कर सकते है।

स्‍टीविया प्‍लांट (Stevia Plant): इस पौधे की पत्ते का स्वाद प्राकृतिक रूप से मीठा होता है इसलिए इसके पत्तों को सुखाकर पाउडर बनाकर लोग इसका इस्तेमाल

चाय या शरबत में चीनी के स्थान पर करते हैं। ये ना सिर्फ ब्लड शुगर को कम करने का काम करता है बल्कि बढ़े हुए वजन को भी काम करने में मदद करता है क्योंकि इनके पत्तों में कैलोरी की मात्रा भी बहुत कम होती है।

घृत कुमारी या अलोवेरा( Alovera) : इस पौधे को क्वारगंदल और ग्वारभाटा के नाम से भी जाना जाता है। इसकी पत्तियां गुद्देदार होती है और स्वाद में थोड़ी कड़वी होती है जिस वजह से इसका इस्तेमाल डायबिटीज को कम करने के लिए भी किया जाता है। पेट को स्वस्थ रखने, स्किन को ग्लोइंग बनाने और बालों को झड़ने से रोकने में भी एलोवेरा का इस्तेमाल होता है।

इंसुलिनपौधा(Insulinplant): इसका वैज्ञानिक चामेकोस्टस कस्पिडैटस, सामान्य नाम उग्र कोस्टस या सर्पिल ध्वज है। इसके पत्ते का स्वाद थोड़ा खट्टा होता है लेकिन इनके सेवन से रक्त में बड़े हुए ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती है जो मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। उनके पत्तों को पीस कर अच्छी तरह से पेस्ट बनाने के बाद रोजाना इसका सेवन हम पानी के साथ कर सकते हैं।

नीम के पत्तियां (Neem leaves): नीम की पत्तियों के स्वाद से शायद ही कोई अंजान होगा। इसका इस्तेमाल न सिर्फ त्वचा और बालों संबंधित बीमारियों को दूर करने में किया जाता है बल्कि इसका इस्तेमाल मधुमेह के रोगियों के लिए भी किया जाता है क्योंकि इसकी पत्तियाें में ग्लाइकाेसाइड्स (Glycosides) और एंटी वायरल तत्व (Anti Viral Element) मौजूद हाेते हैं। ऐसे में इसके सेवन से रक्त में ग्लूकाेज की मात्रा काे कम करने में मदद मिलती है।

Disclimer: उपरोक्त लिखे किसी भी पौधे का इस्तेमाल बिना चिकित्सीय सलाह के ना करें।

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