क्रिमिनल लॉ में आई यह बड़े बदलाव….राष्ट्रपति मुर्मू ने दे दी मंजूरी

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20 दिसंबर को गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ले गए तीन नए क्रिमिनल लॉ लोकसभा में पास हो गए थे इसमें कई बड़े बदलाव हुए हैंचलेग। गुरुवार को उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की थी उन्होंने बताया कि मौब लिंचिंग जैसे संगीन जुर्म के लिए फांसी होगी ,देश के खिलाफ काम करने वाले पर राजद्रोह नहीं देशद्रोह का  मुकदमा चलेगा।  उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी हम अभी भी यूके सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों का पालन कर रहे हैं. हम अभी भी हर मेजेस्टी, ब्रिटिश किंगडम, द क्राउन, बैरिस्टर जैसे अंग्रेजी शब्दों का उपयोग करते हैं । उन्होंने यह भी बताया कि पहली बार आपराधिक न्याय प्रणाली में मानवीय स्पर्श होगा, तीन नए कानून – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य कानून औपनिवेशिक काल के तीन कानूनों भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान लेंगे।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद में पारित किए गए नए आपराधिक न्याय विधेयकों को स्वीकृति दे दी है। 

आइये अब आपको बताते हैं नए क्रिमिनल लॉ के तहत  कुछ अहम बदलाव

‘हिट एंड रन’ में अब होगी 10 साल की कैद

नए क्रिमिनल लॉ के तहत सड़क पर एक्सीडेंट करके भागने वाले अब कानून की नजर से नहीं बच पाएंगे। उनके लिए केंद्र सरकार ने सख्त कानून बनाया है । इसके तहत एक्सीडेंट कर फरार होने वाले अपराधी को 10 साल तक की सजा मिलेगी वहीं अगर अपराधी घायल को हॉस्पिटल पहुंचना है तो उसकी सजा कम हो सकती है।

‘राजद्रोह’ की जगह ‘देशद्रोह’गृह मंत्री ने बताया कि हम

राजद्रोह को देशद्रोह में बदल रहे हैं आईपीसी ने राजद्रोह को ‘सरकार के खिलाफ कार्य’ के रूप में परिभाषित किया था अंग्रेजों के जमाने से यह कानून चल आ रहा था जिसमें अगर कोई भी शख्स सरकार के खिलाफ बोलना तो उसे राजद्रोह माना जाता और उसे करी सजा मिलनी इसमें अब बदलाव आया है देश के खिलाफ काम करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।  सरकार की आलोचना करने पर कोई जेल नहीं जाएगा, लेकिन कोई भी देश के खिलाफ काम नहीं कर सकता।

सभी पुलिस स्टेशनों में रहेगी गिरफ्तार व्यक्तियों की जानकारी

इस चर्चा में अमित शाह ने कहा कि   गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के बारे में अब हर पुलिस स्टेशन में विवरण दर्ज किया जाएगा और एक नामित पुलिस अधिकारी इन रिकॉर्डों को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होगा।  उन्होंने कहा कि सरकार ने तस्करी कानूनों को जेंडर-न्यूट्रल बना दिया है।

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