अन्न भाग्य योजना: कर्नाटक सरकार ने 5 किलो चावल के बदले नकद वितरण शुरू किया

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने अन्न भाग्य योजना के BPL परिवारों के 1.28 लोगों के लिए चावल के बदले डीबीटी माध्यम से भुगतान करने की सुविधा देने की बात कही.

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Highlights
  • 4.41 करोड़ लोग लाभार्थी हैं इस योजना में
  • गृहलक्ष्मी और बेरोजगारों को मासिक सहायता
  • केंद्र से की गई थी मांग

10th July 2023, Mumbai: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अन्न भाग्य योजना के तहत 10 जुलाई से लाभार्थियों को अतिरिक्त 5 किलो चावल के बदले नगद में भुगतान देने की बात कही. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) की शुरुआत के साथ ही राज्य की कांग्रेस सरकार ने मई में हुए चुनाव से पहले घोषित पांच गारंटी में से एक और गारंटी पर अमल शुरू कर दिया.

राज्य सरकार ने चुनाव के दौरान की गई गारंटी को पूरा करने के लिए आ रही मुश्किलों को नजरंदाज करते हुए ये फैसला किया है. सरकार ने कहा था कि चावल की खरीद में मश्किलें आ रही हैं इसके लिए लाभार्थियों को नकदी के रूप में भुगतान किया जाएगा. सरकार का कहना था कि अतिरिक्त चावल के लिए 34 रुपये प्रति किलो के हिसाब से भुगतान किया जाएगा. 

ये योजना बीपीएल और अंत्योदय परिवार के सभी सदस्यों पर लागू है. राज्य सरकार के मुताबिक कर्नाटक में ‘अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता परिवार’ के 1.28 करोड़ राशन कार्ड हैं.

यात्रा और बिजली में राहत
सरकार ने पिछले महीने सार्वजनिक परिवहन बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की शुरुआत करके पहली चुनावी गारंटी ‘शक्ति’ पूरी कर दी थी. वहीं घरों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की ‘गृह ज्योति’ योजना इस महीने की शुरुआत से ही लागू हो चुकी है, लेकिन इस महीने का बिजली बिल अगस्त की शुरुआत में आएगा.

गृहलक्ष्मी और बेरोजगारों को मासिक सहायता
शेष दो गारंटी, जिन्हें सरकार जल्द ही लागू करने के लिए कदम उठा रही है, उनमें हरेक परिवार की महिला मुखिया (गृह लक्ष्मी) को 2,000 रुपये की मासिक सहायता और बेरोजगार स्नातक युवाओं के लिए हर महीने 3,000 रूपये व बेरोजगार डिप्लोमा धारकों के लिए 1,500 रुपये (युवा निधि) की गारंटी शामिल है.

बता दें कर्नाटक के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री के. एच.मुनियप्पा ने शनिवार (8 जुलाई) को ही था कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ‘अन्न भाग्य’ योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीडी) की शुरुआत करेंगे. उन्होंने ये बताया कि 15 दिनों के अंदर पूरा पैसा लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंच जाएगा.

4.41 करोड़ लोग लाभार्थी हैं इस योजना में
कर्नाटक के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री के. एच.मुनियप्पा ने शनिवार (8 जुलाई) को ही देवनहल्ली इलाके में संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) 1.28 करोड़ परिवार हैं जिनमें से 4.41 करोड़ लोग लाभार्थी हैं .

केंद्र से की गई थी मांग
मुनियप्पा ने कहा था कि राज्य ने केंद्र से चावल प्राप्त करने की कोशिश की लेकिन केंद्र सरकार ने मना कर दिया. कर्नाटक सरकार ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और अन्य राज्यों से भी संपर्क किया, लेकिन कीमत काफी अधिक थी.

किसको मिलेगा कितना?
4.41 करोड़ राशन कार्डधारक लाभार्थियों में से प्रत्येक व्यक्ति के खाते में हर महीने 170 रुपये भेजे जाएंगे. कर्नाटक में अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता परिवार के 1.28 करोड़ राशन कार्ड हैं और इनमें से 99 प्रतिशत आधार कार्ड से जुड़े हुए हैं. इनमें से 82 प्रतिशत (करीब 1.06 करोड़) कार्ड सक्रिय बैंक खातों से जुड़े हुए हैं, जबकि बाकी के अन्य कार्ड धारकों को नया बैंक खाता खुलवाने की सूचना दी जाएगी. बता दें अन्न भाग्य योजना के तहत 10 किलोग्राम चावल प्रति व्यक्ति देना कांग्रेस सरकार के चुनाव पूर्व पांच वादों में से एक है.

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